मेघालय उच्च न्यायालय द्वारा राज्य में एएफएसपीए 1958 लागू करने का आदेश जारी

usafspa logo 2 largeमेघालय उच्च न्यायालय ने 2 नवम्बर 2015 को केंद्र सरकार को आदेश जारी करते हुए कहा कि वह राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित सशस्त्र बल एक्ट (एएफएसपीए) 1958 लागू करे.

यह आदेश चीफ जस्टिस उमा नाथ सिंह, न्यायमूर्ति टीएनके सिंह और न्यायमूर्ति एसआर सेन की अध्यक्षता वाली बेंच ने उस याचिका की सुनवाई के बाद दिया जिसे उग्रवादियों द्वारा राज्य में बंद बुलाये जाने पर दर्ज किया गया था.

इसके अतिरिक्त अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार सिविल प्रशासन की सहायता से राज्य में एएफएसपीए लागू कर सकती है ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बनाई रखी जा सके.

यह आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से गारो पहाड़ियों में अपहरण एवं हत्या के घटनाएं बढ़ी हैं. यहां गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी गुट ने चोकपोट ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर जूड रंग्कू टी संगमा का अपहरण कर लिया था.

संगमा, उच्च न्यायालय सुरक्षा प्रबंधन के पुलिस अधीक्षक बॉबी मोमिन के करीबी रिश्तेदार हैं. गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी ने इससे पहले ख़ुफ़िया ब्यूरो ऑफिसर बिकाश सिंह का अपहरण कर हत्या कर दी थी.
उग्रवादी अभी तक राज्य में 87 लोगों का अपहरण कर चुका है जिसमें 27 व्यापारी, 25 नागरिक, प्राइवेट फर्म में कार्यरत 25 कर्मचारी, 5 सरकारी कर्मचारी तथा पांच शिक्षक शामिल हैं.

इस फैसले के दौरान यह भी बताया गया कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य न्यायमूर्तियों को उग्रवादी संगठन से धमकियां प्राप्त होती हैं तथा सेवानिवृति के पश्चात् उनकी सुरक्षा को पहले से अधिक खतरा हो सकता है. और पढ़ें

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