नौकरी के लिए साक्षात्कार समाप्त करने की मोदी की घोषणा से विवाद

नौकरी के लिए साक्षात्कार समाप्त करने की मोदी की घोषणा से विवाद

92821-mkb

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से केंद्र सरकार की नौकरियों में निचले स्तर के गैर राजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार की जरूरत एक जनवरी से समाप्त करने की घोषणा को लेकर रविवार को आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और आरक्षण नीति को समाप्त करने के प्रयास के आरोप लगाये गए। बिहार के भाजपा विरोधी महागठबंधन ने आरोप लगाया कि मोदी की ओर से घोषणा ऐसे समय की गई है जब विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, इससे न केवल आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है बल्कि इससे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण की समीक्षा के आह्वान का ‘‘प्रभावी क्रियान्वयन’’ होगा।

जदयू महासचिव के सी त्यागी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘प्रधानमंत्री की केंद्र सरकार के समूह डी, सी, बी के गैर राजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार समाप्त करने की घोषणा का मतलब है आरक्षण नीति को अलविदा करना क्योंकि भर्ती केवल योग्यता के आधार पर होगी। मोदी के बयान का ऐसा ही मतलब निकलता है।’

त्यागी के साथ कांग्रेसी नेता आर पी एन सिंह और जानेमाने अधिवक्ता के टी एस तुलसी भी थे। त्यागी ने कहा, ‘यह मोहन भागवत की आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग का प्रभावी क्रियान्वयन है और प्रधानमंत्री को मतदाताओं को जवाब देना होगा।’ मोदी सरकार इन आरोपों को लेकर बचाव की मुद्रा में है कि वह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण समाप्त करने पर विचार कर रही है। मोदी ने बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद और जदयू नेता नीतीश कुमार पर जाति राजनीति का ‘जहर’ फैलाने का आरोप लगाया है।…और पढ़ें

Comment Here

Leave a Reply