जुवेनाइल बिल पास, जघन्‍य अपराध में 16 साल के बालिग

defc43c8cd8bf7d6bea89cec5bba13cf_342_660जुवेनाइल जस्टिस बिल आज राज्यसभा में पारित हो गया। नए कानून के जरिये जघन्य अपराध में नाबालिग को पुन: परिभाषित किया गया है। इस कानून के तहत जघन्य अपराधों में शामिल 16 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के नाबालिगों को भी वयस्क मानकर मुकदमा चलाया जाएगा।

सदन में इस बिल पर गहन चर्चा के बाद वोटिंग हुई जिसमें बिल पारित हो गया। हालांकि वोटिंग से पहले सीपीएम ने वॉक आउट किया। यह विधेयक लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है। बिल के पास हो जाने पर निर्भया के पिता ने कहा कि जो भी बिल पास हुआ है वह अच्छा है। जहां तक बदलावों की बात है वह बाद में होते रहेंगे।

गौरतलब है कि आज राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान निर्भया के माता-पिता दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि गंभीर अपराध की श्रेणी में वे अपराध आते हैं जिनकी सजा 7 साल या उससे ज्यादा होती है। उन्होंने बताया कि जुवेनाइल पुलिस का प्रावधान है और हर थाने में एक अधिकारी चाइल्ड पुलिस अधिकारी का दर्जा प्राप्त होता है। और पढ़ें

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