जब ‘अंकल’ हो जज तो फिर..

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कहते हैं क़ानून अंधा होता है लेकिन शायद तब नहीं, जब जज मुक़दमे की पैरवी कर रहे वकील के रिश्तेदार या परिचित हों. इस चलन को ‘अंकल जज’ कहा जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों न्यायपालिका में सुधार के लिए सुझाव मांगे थे. इसके बाद गुजरात बार काउंसिल ने ‘अंकल जजों’ के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई का सुझाव दिया है.सुप्रीम कोर्ट ने आम लोगों से ऐसे सुझाव मांगे हैं जिनसे न्यायपालिका में जजों की मौजूदा नियुक्ति प्रक्रिया बेहतर बनाई जा सके. कॉलेजियन प्रणाली के नाम से जानी जाने वाली इस प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के लिए जज चुनते हैं…और पढ़ें

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